ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 1313.2महाभारत 13.2एवमुक्ता तु सा देवी नहुषेण पतिव्रता प्रावेपत भयोद्विग्ना प्रवाते कदली यथापिछलाअगलापूरा अध्याय