ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 127127.49महाभारत 127.49अमर्षवशमापन्नो मा कुरूंस्तात जीघनः सर्वा हि पृथिवी स्पृष्टा त्वत्पाण्डवकृते वधम्पिछलाअगलापूरा अध्याय