ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 123123.26महाभारत 123.26वासुदेवेन तीर्थेन तात गच्छस्व संगमम् कालप्राप्तमिदं मन्ये मा त्वं दुर्योधनातिगाःपिछलाअगलापूरा अध्याय