ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 114114.17महाभारत 114.17ततो वसुमना नाम वसुभ्यो वसुमत्तरः वसुप्रख्यो नरपतिः स बभूव वसुप्रदःपिछलाअगलापूरा अध्याय