ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 1111.16महाभारत 11.16तच्छ्रुत्वा दुर्मना देवी बृहस्पतिमुवाच ह रक्ष मां नहुषाद्ब्रह्मंस्तवास्मि शरणं गतापिछलाअगलापूरा अध्याय