Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 105.4

कुतो मे भोजनश्रद्धा सुखश्रद्धा कुतश्च मे
श्रद्धा मे जीवितस्यापि छिन्ना किं जीवितेन मे

पूरा अध्याय