Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 103.31

तथा त्वमपि गान्धारे यावत्पाण्डुसुतान्रणे
नासादयसि तान्वीरांस्तावज्जीवसि पुत्रक

पूरा अध्याय