ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 100100.14महाभारत 100.14अत्र गाथा पुरा गीता रसातलनिवासिभिः पौराणी श्रूयते लोके गीयते या मनीषिभिःपिछलाअगलापूरा अध्याय