Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 55.7

कर्ण उवाच
ब्रवीषि वाचा यत्पार्थ कर्मणा तत्समाचर
अतिशेते हि वै वाचं कर्मेति प्रथितं भुवि

पूरा अध्याय