Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 52.22

त्रिभिस्त्रिवेणुं समरे द्वाभ्यामक्षौ महाबलः
द्वादशेन तु भल्लेन चकर्तास्य ध्वजं तथा

पूरा अध्याय