ग्रंथमहाभारतविराटपर्वअध्याय 4747.14महाभारत 47.14तस्माद्युद्धावचरिकं कर्म वा धर्मसंहितम् क्रियतामाशु राजेन्द्र संप्राप्तो हि धनंजयःपिछलाअगलापूरा अध्याय