ग्रंथमहाभारतविराटपर्वअध्याय 4747.12महाभारत 47.12न हि पश्यामि संग्रामे कदाचिदपि कौरव एकान्तसिद्धिं राजेन्द्र संप्राप्तश्च धनंजयःपिछलाअगलापूरा अध्याय