Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 21.12

द्रौपद्युवाच
एकं मे समयं त्वद्य प्रतिपद्यस्व कीचक
न त्वां सखा वा भ्राता वा जानीयात्संगतं मया

पूरा अध्याय