ग्रंथमहाभारतविराटपर्वअध्याय 1313.17महाभारत 13.17मा सूतपुत्र हृष्यस्व माद्य त्यक्ष्यसि जीवितम् दुर्लभामभिमन्वानो मां वीरैरभिरक्षिताम्पिछलाअगलापूरा अध्याय