महाभारत 82.76
ततो गच्छेत राजेन्द्र धेनुकां लोकविश्रुताम्
एकरात्रोषितो राजन्प्रयच्छेत्तिलधेनुकाम्
सर्वपापविशुद्धात्मा सोमलोकं व्रजेद्ध्रुवम्
ततो गच्छेत राजेन्द्र धेनुकां लोकविश्रुताम्
एकरात्रोषितो राजन्प्रयच्छेत्तिलधेनुकाम्
सर्वपापविशुद्धात्मा सोमलोकं व्रजेद्ध्रुवम्