ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 8181.160महाभारत 81.160ततो गच्छेत धर्मज्ञ तीर्थं त्रैलोक्यविश्रुतम् आदित्यस्याश्रमो यत्र तेजोराशेर्महात्मनःपिछलाअगलापूरा अध्याय