Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 80.63

अगस्त्यसर आसाद्य पितृदेवार्चने रतः
त्रिरात्रोपोषितो राजन्नग्निष्टोमफलं लभेत्

पूरा अध्याय