ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 7575.16महाभारत 75.16तदद्भुततमं दृष्ट्वा नलो राजाथ भारत दमयन्त्यां विशङ्कां तां व्यपाकर्षदरिंदमःपिछलाअगलापूरा अध्याय