ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 6161.33महाभारत 61.33अथ वारण्यनृपते नलं यदि न शंससि मामदस्व मृगश्रेष्ठ विशोकां कुरु दुःखिताम्पिछलाअगलापूरा अध्याय