Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 58.11

क्षुधा संपीड्यमानस्तु नलो बहुतिथेऽहनि
अपश्यच्छकुनान्कांश्चिद्धिरण्यसदृशच्छदान्

पूरा अध्याय