ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 5656.4महाभारत 56.4स समाविश्य तु नलं समीपं पुष्करस्य ह गत्वा पुष्करमाहेदमेहि दीव्य नलेन वैपिछलाअगलापूरा अध्याय