Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 53.14

देवा ऊचुः
कच्चिद्दृष्टा त्वया राजन्दमयन्ती शुचिस्मिता
किमब्रवीच्च नः सर्वान्वद भूमिपतेऽनघ

पूरा अध्याय