ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 3737.25महाभारत 37.25तत एकान्तमुन्नीय पाराशर्यो युधिष्ठिरम् अब्रवीदुपपन्नार्थमिदं वाक्यविशारदःपिछलाअगलापूरा अध्याय