ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 3737.23महाभारत 37.23भीष्माद्द्रोणात्कृपात्कर्णाद्द्रोणपुत्राच्च भारत यत्ते भयममित्रघ्न हृदि संपरिवर्ततेपिछलाअगलापूरा अध्याय