ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 3434.82महाभारत 34.82अमित्रांस्तेजसा मृद्नन्नसुरेभ्य इवारिहा श्रियमादत्स्व कौन्तेय धार्तराष्ट्रान्महाबलपिछलाअगलापूरा अध्याय