Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 32.7

धर्मो यस्यातिशङ्क्यः स्यादार्षं वा दुर्बलात्मनः
वेदाच्छूद्र इवापेयात्स लोकादजरामरात्

पूरा अध्याय