Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 297.73

यथा कुन्ती तथा माद्री विशेषो नास्ति मे तयोः
मातृभ्यां सममिच्छामि नकुलो यक्ष जीवतु

पूरा अध्याय