Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 286.1

कर्ण उवाच
भगवन्तमहं भक्तो यथा मां वेत्थ गोपते
तथा परमतिग्मांशो नान्यं देवं कथंचन

पूरा अध्याय