ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 274274.19महाभारत 274.19स रामाय महाघोरं विससर्ज निशाचरः शूलमिन्द्राशनिप्रख्यं ब्रह्मदण्डमिवोद्यतम्पिछलाअगलापूरा अध्याय