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महाभारत 268.1

मार्कण्डेय उवाच
प्रभूतान्नोदके तस्मिन्बहुमूलफले वने
सेनां निवेश्य काकुत्स्थो विधिवत्पर्यरक्षत

पूरा अध्याय