ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 265265.9महाभारत 265.9भजस्व मां वरारोहे महार्हाभरणाम्बरा भव मे सर्वनारीणामुत्तमा वरवर्णिनिपिछलाअगलापूरा अध्याय