Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 264.44

द्व्यक्षीं त्र्यक्षीं ललाटाक्षीं दीर्घजिह्वामजिह्विकाम्
त्रिस्तनीमेकपादां च त्रिजटामेकलोचनाम्

पूरा अध्याय