Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 264.37

स भिन्नमर्माभिहतो वक्त्राच्छोणितमुद्वमन्
ददर्शावस्थितं राममारात्सौमित्रिणा सह

पूरा अध्याय