Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 255.10

ददृशे नकुलस्तत्र रथात्प्रस्कन्द्य खड्गधृक्
शिरांसि पादरक्षाणां बीजवत्प्रवपन्मुहुः

पूरा अध्याय