ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 245245.21महाभारत 245.21सत्यवादी लभेतायुरनायासमथार्जवी अक्रोधनोऽनसूयश्च निर्वृतिं लभते पराम्पिछलाअगलापूरा अध्याय