ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 240240.45महाभारत 240.45सुयोधनो ययावग्रे श्रिया परमया ज्वलन् कर्णेन सार्धं राजेन्द्र सौबलेन च देविनापिछलाअगलापूरा अध्याय