Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 238.43

न चैतत्साधु यद्राजन्पाण्डवास्त्वां नृपोत्तम
स्वसेनया संप्रयान्तं नानुयान्ति स्म पृष्ठतः

पूरा अध्याय