ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 227227.23महाभारत 227.23घोषा द्वैतवने सर्वे त्वत्प्रतीक्षा नराधिप घोषयात्रापदेशेन गमिष्यामो न संशयःपिछलाअगलापूरा अध्याय