Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 226.9

वन्द्यमानो द्विजै राजन्पूज्यमानश्च राजभिः
पौरुषाद्दिवि देवेषु भ्राजसे रश्मिवानिव

पूरा अध्याय