ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 222222.30महाभारत 222.30यच्च भर्ता न पिबति यच्च भर्ता न खादति यच्च नाश्नाति मे भर्ता सर्वं तद्वर्जयाम्यहम्पिछलाअगलापूरा अध्याय