Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 221.64

रथमादित्यसंकाशमास्थितः कनकप्रभम्
तं दृष्ट्वा दैत्यसेना सा व्यद्रवत्सहसा रणे

पूरा अध्याय