Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 22.3

तानाशुगैरापततोऽहमाशु; निवार्य तूर्णं खगमान्ख एव
द्विधा त्रिधा चाच्छिनमाशु मुक्तै;स्ततोऽन्तरिक्षे निनदो बभूव

पूरा अध्याय