Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 211.25

दक्षिणाग्निर्यदा द्वाभ्यां संसृजेत तदा किल
इष्टिरष्टाकपालेन कार्या वै वीतयेऽग्नये

पूरा अध्याय