Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 195.4

एवं भवतु गच्छेति तमुवाच पितामहः
स एवमुक्तस्तत्पादौ मूर्ध्ना स्पृश्य जगाम ह

पूरा अध्याय