Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 187.33

अहं त्रिवर्त्मा सर्वात्मा सर्वलोकसुखावहः
अभिभूः सर्वगोऽनन्तो हृषीकेश उरुक्रमः

पूरा अध्याय