ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 186186.116महाभारत 186.116ततो मामब्रवीद्वीर स बालः प्रहसन्निव श्रीवत्सधारी द्युतिमान्पीतवासा महाद्युतिःपिछलाअगलापूरा अध्याय