Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 17.29

ततो निर्याय कौन्तेय व्यवस्थाप्य च तद्बलम्
आनर्तानां महाराज प्रद्युम्नो वाक्यमब्रवीत्

पूरा अध्याय