Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 160.23

स्थानमेतन्महाभाग ध्रुवमक्षयमव्ययम्
ईश्वरस्य सदा ह्येतत्प्रणमात्र युधिष्ठिर

पूरा अध्याय