Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 157.68

सेन्द्राशनिरिवेन्द्रेण विसृष्टा वातरंहसा
हत्वा रक्षः क्षितिं प्राप्य कृत्येव निपपात ह

पूरा अध्याय