ग्रंथमहाभारतवनपर्वअध्याय 157157.62महाभारत 157.62सा भुजं भीमनिर्ह्रादा भित्त्वा भीमस्य दक्षिणम् साग्निज्वाला महारौद्रा पपात सहसा भुविपिछलाअगलापूरा अध्याय